दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को समन का पालन न करने के मामलों में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई राहत को चुनौती दी गई है। यह आदेश जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने दिया है। अदालत ने केजरीवाल से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की है। साथ ही ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड (TCR) भी तलब किया गया है।
यह मामला कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़ा है। ED का आरोप है कि केजरीवाल ने जांच में शामिल होने के लिए भेजे गए समनों को जानबूझकर नजरअंदाज किया। एजेंसी के मुताबिक, उन्हें 2 नवंबर और 21 दिसंबर 2023 के अलावा 3 और 18 जनवरी 2024 को समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने इन्हें अवैध बताते हुए पेशी नहीं दी। 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें इन मामलों में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ ED ने हाईकोर्ट में अपील की। एजेंसी का कहना है कि समन मिलने के बावजूद उनका पालन न करना एक स्थापित तथ्य है, जिसे नजरअंदाज किया गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी माना कि पहले से सूचना होने के बावजूद केजरीवाल पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद अब नया नोटिस जारी किया गया है। मामले से जुड़े घटनाक्रम में, केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को ED ने गिरफ्तार किया था। 20 जून 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें जमानत दी, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। इसके बाद जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें अंतरिम जमानत मिली।
ED का आरोप है कि आबकारी नीति को एक साजिश के तहत लागू किया गया, जिससे कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। अब हाईकोर्ट इस बात पर फैसला करेगा कि ट्रायल कोर्ट का बरी करने वाला आदेश कानून के मुताबिक सही था या नहीं।
