आम आदमी पार्टी में अंदरूनी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद सांसद Raghav Chadha ने वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए, तो पार्टी के कई बड़े नेताओं ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी में पदों पर बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वह खुद भी पहले इस तरह के बदलाव का हिस्सा रह चुके हैं। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ अहम मुद्दों पर पार्टी लाइन के अनुसार आवाज उठाना जरूरी होता है, और ऐसा न करना व्हिप का उल्लंघन माना जाता है।
मान ने तंज कसते हुए कहा कि जहां पार्टी गंभीर मुद्दों पर संघर्ष कर रही थी, वहां राघव चड्ढा संसद में समोसे और पिज्जा जैसे मुद्दे उठा रहे थे। उनके मुताबिक, इससे लगता है कि वह अब “कम्प्रोमाइज्ड” हो चुके हैं।
वहीं, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री Atishi Marlena ने भी राघव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा केंद्र सरकार और Narendra Modi के खिलाफ बोलने से बचते हैं। आतिशी ने यह भी कहा कि कई मौकों पर, जब विपक्ष को एकजुट होकर विरोध करना था, तब राघव पीछे हट गए।
उन्होंने दावा किया कि राघव ने एलपीजी संकट जैसे अहम मुद्दे पर भी संसद में आवाज उठाने से परहेज किया और कई बार विपक्षी रणनीति से अलग रुख अपनाया। आतिशी के मुताबिक, पार्टी ने पहले उन्हें संदेह का लाभ दिया, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी पार्टी के अन्य नेता जैसे सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह, राघव चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी के भीतर यह टकराव अब और गहराता नजर आ रहा है।
