संसद के विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो विपक्ष पहले इस बिल का समर्थन कर रहा था, वही अब इसका विरोध कर रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी के साथ अन्याय नहीं करेगा और न ही किसी राज्य के साथ भेदभाव होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण नारी शक्ति का अधिकार है, न कि कोई उपकार। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। पीएम ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वे इस बिल का विरोध करते हैं तो राजनीतिक लाभ उन्हें (मोदी) मिलेगा, लेकिन यदि वे समर्थन करते हैं तो इसका श्रेय सभी को दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण के मुद्दे पर केवल बहानेबाजी होती रही है। अब समय आ गया है कि इसे राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में देखा जाए। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 2023 में नए संसद भवन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सर्वसम्मति से पारित किया गया था, जिससे पूरे देश में सकारात्मक माहौल बना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बिल को लागू करने में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर 2029 तक भी इसे टालते रहे तो स्थिति क्या होगी। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस मुद्दे पर एकजुट होकर निर्णय लें।
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें किसी तरह का व्यक्तिगत श्रेय नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि बिल पारित होने के बाद वे सभी दलों का सार्वजनिक रूप से धन्यवाद देने और उनका श्रेय उन्हें देने के लिए तैयार हैं।
