मुरादाबाद। बेटियों के समग्र विकास और उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जनपद में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब तक 31,372 बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। सरकार द्वारा जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल 25,000 रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी योजना के प्रति लोगों का रुझान बना हुआ है।
इस दौरान 7,809 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5,037 को स्वीकृति देकर आगे की प्रक्रिया के लिए शासन स्तर पर भेजा गया है। यह योजना न सिर्फ बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि बाल विवाह पर नियंत्रण और लिंगानुपात सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
छह चरणों में दी जाती है आर्थिक सहायता
जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश गुप्ता ने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत बालिका को छह अलग-अलग चरणों में कुल 25,000 रुपये की सहायता दी जाती है। जन्म के समय 5,000 रुपये, पूर्ण टीकाकरण पर 2,000 रुपये, कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये और कक्षा 9 में प्रवेश पर 5,000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा, 10वीं या 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा (डिग्री या डिप्लोमा) में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है।
जागरूकता अभियान से बढ़ी भागीदारी
योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत से लेकर तहसील स्तर तक शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, साथ ही होर्डिंग और वॉल पेंटिंग के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे ऑनलाइन किया गया है, जिससे अभ्यर्थी जन सेवा केंद्र, साइबर कैफे या अपने मोबाइल फोन के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, प्राप्त शिकायतों का सत्यापन कर उनका समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
इस योजना ने जनपद में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ उनके शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया है।
