मुरादाबाद। जमीन हड़पने के एक पुराने मामले में पुलिस ने करीब 39 वर्ष बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देश पर की गई, जिसके बाद क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
फर्जी बैनामे से कब्जे का आरोप, 1987 का मामला फिर खुला
मोहल्ला चौधरियान निवासी मौ. फैजान पुत्र मौ. यामीन ने शिकायत में बताया कि मुरादाबाद-टिहरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेशनल पब्लिक स्कूल के पास स्थित उनके नाना हिकमतउल्लाह की 0.34 एकड़ कमर्शियल जमीन (गाटा संख्या 478) को सुनियोजित साजिश के तहत हड़प लिया गया। आरोप है कि 27 जुलाई 1987 को एक अज्ञात व्यक्ति को यासीन पुत्र अब्दुल मजीद दिखाकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराई गई।
भू-माफिया पर साजिश का आरोप, परिवार के लोग भी शामिल
शिकायत के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड कस्बे के मोहल्ला नक्कालान निवासी शब्बीर पुत्र अब्दुल अजीज था, जिसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर फर्जी बैनामा कराया। गवाह के तौर पर उसके भाई मौ. आरिफ को शामिल किया गया। हालांकि अब शब्बीर की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उसके बेटे तौकीर और पोते तस्कीम व तौसीन सहित अन्य परिजन व सहयोगी इस कथित साजिश को आगे बढ़ा रहे हैं।
डिलारी व धामपुर तक फैला नेटवर्क, धमकाने के आरोप
मामले में थाना डिलारी के गांव अलियाबाद निवासी शेर मौ., मौ. आरिफ, मौ. आसिम और बिजनौर के धामपुर तहसील के गांव महावतपुर जटपुरा निवासी राजीव कुमार व नवनीत कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्रवाई की कोशिश करने पर उन्हें जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
39 साल बाद मुकदमा, फिर गरमाया जमीन विवाद
तत्कालीन समय में शिकायत के बावजूद प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब करीब चार दशक बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक जुगेंद्र तेवतिया का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि डेढ़ महीने पहले भी भोजपुर थाना क्षेत्र में 25 साल पुराने जमीन विवाद में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। ऐसे में लगातार पुराने मामलों के खुलने से इलाके में हलचल और चर्चाएं तेज हो गई हैं@जफर-INN
