महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सके, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। संसद के भीतर शुरू हुई बहस अब सड़कों तक पहुंच गई है। कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की कि मौजूदा लोकसभा संरचना के भीतर ही महिला आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने विधेयक के पारित न होने को संविधान और विपक्षी एकजुटता की जीत बताया।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी की ओर से Smriti Irani और Ravi Shankar Prasad ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर महिलाओं के अधिकारों के साथ राजनीति कर रही है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलत संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों के सवाल पर जश्न मना रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
साथ ही, स्मृति ईरानी ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे का जिक्र करते हुए कांग्रेस सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। वहीं, रविशंकर प्रसाद ने प्रियंका गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं को किसी भी रूप में ‘वस्तु’ के तौर पर प्रस्तुत करना अनुचित है और इस प्रकार की भाषा अस्वीकार्य है।
संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के रुख के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका, जिससे सरकार सहित देश के लोग निराश हैं। रिजिजू ने कहा कि यह दुख की बात है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से रोक दिया गया।
उन्होंने आगे Rahul Gandhi के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई महिला आरक्षण को अलोकतांत्रिक बताता है, तो उसे समझाना मुश्किल है। उनके अनुसार, महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसे समर्थन मिलना चाहिए था।
