मुरादाबाद। प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 123.95 एकड़ मूल्यवान भूमि को कब्जा मुक्त कराकर राज्य सरकार के अधिकार में ले लिया है। यह जमीन लंबे समय से दस्तावेजों में हेरफेर कर आनंदपुर ट्रस्ट के नाम दर्ज कर ली गई थी।
जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद विस्तृत जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव बराहीलालपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट और उससे जुड़े पदाधिकारियों के नाम पर असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में जमीन दर्ज थी। एक ही नाम पर लगभग 400 बीघा से अधिक भूमि दर्ज होने पर प्रशासन ने गंभीरता से कार्रवाई शुरू की।
इस प्रकरण में “उत्तर प्रदेश सरकार बनाम प्रबंधक श्री आनंदपुर ट्रस्ट व अन्य” शीर्षक से मुकदमा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की अदालत में विचाराधीन था। 2 अप्रैल को अदालत ने अपने आदेश में संबंधित गाटा संख्याओं—372 (7.90 एकड़), 373 (3.09 एकड़), 642 (5.27 एकड़), 561 (0.53 एकड़), 656-अ (106.28 एकड़) और 656-ब (0.88 एकड़)—की कुल 123.95 एकड़ भूमि से ट्रस्ट प्रबंधन और अन्य प्रतिवादियों के नाम निरस्त करते हुए इसे राज्य सरकार की संपत्ति घोषित कर दिया।
अदालती आदेश के अनुपालन में 17 अप्रैल को एसडीएम सदर व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट डॉ. राम मोहन मीणा के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची और जमीन पर सरकारी कब्जा दिलाया गया। तहसीलदार सदर अंकित गिरी ने सरकार की ओर से भूमि का कब्जा प्राप्त किया, जबकि इसकी निगरानी और संरक्षण की जिम्मेदारी नायब तहसीलदार सूरज प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट से जुड़े पुजारी/प्रबंधक महंत उमेश दास ने इस भूमि के बड़े हिस्से के बैनामे भी करा दिए थे। प्रशासन के अनुसार, जब जमीन राज्य सरकार के नाम घोषित हो चुकी है, तो ऐसे सभी बैनामे स्वतः निरस्त माने जाएंगे।
गौरतलब है कि इसी ट्रस्ट की कुछ जमीनें रामपुर जिले के शाहबाद क्षेत्र में भी बताई जा रही हैं, जहां कब्जे और लेन-देन को लेकर प्रशासनिक जांच की संभावना बनी हुई है।
