मुरादाबाद। जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के नारायणपुर छंगा गांव में आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने और उसके बाद हुए बवाल के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। रविवार को समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा गांव जाने की तैयारी में थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके सिविल लाइंस स्थित आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।

जानकारी के अनुसार, सांसद रुचिवीरा नारायणपुर छंगा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करना चाहती थीं। प्रशासन को आशंका थी कि उनके गांव पहुंचने से माहौल फिर से गरमा सकता है और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी के चलते एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना भारी पुलिस बल के साथ उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
गौरतलब है कि ठाकुरद्वारा के नारायणपुर छंगा गांव में भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान विवाद हुआ था। आरोप है कि आंबेडकर प्रतिमा के पास वाहनों की पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद पथराव में बदल गया, जिसमें प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद गांव में तनाव फैल गया और अनुसूचित जाति के लोगों के घरों पर हमले, पथराव और मारपीट के आरोप भी सामने आए।
इस मामले में पुलिस ने अजय प्रताप सिंह, उनके भाई समेत 12 नामजद और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें कुछ को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
सांसद रुचि वीरा को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के मुताबिक, गांव में फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। क्षतिग्रस्त आंबेडकर प्रतिमा की मरम्मत पहले ही करा दी गई है और एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात है।
फिलहाल, ठाकुरद्वारा क्षेत्र में प्रशासन अलर्ट मोड पर है और किसी भी नई हलचल पर नजर रखी जा रही है। वहीं, सांसद रुचिवीरा को रोके जाने के बाद यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है और आने वाले समय में इसके और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है@जफर-INN
