मुरादाबाद। रविवार को भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर शहर में आस्था, उत्साह और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा एवं अन्य सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

यह भव्य शोभा यात्रा बाज़ीगरांन स्थित शरबती देवी धर्मशाला से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई और शहर के प्रमुख मार्गों बाजीगरान, मंडी चौक, अमरोहा गेट, टाउनहाल व गंज गुरहट्टी—से होकर गुजरी। जगह-जगह श्रद्धालुओं और व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। शोभा यात्रा आर एन इंटर कॉलेज पर जाकर पूर्ण हुई।

आकर्षण का केंद्र बनीं भव्य झांकियां
शोभा यात्रा में भगवान परशुराम की सजीव झांकी के साथ-साथ श्री राम मंदिर, महाकाल मंदिर, केदारनाथ मंदिर एवं राधा-कृष्ण की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की झलक प्रस्तुत की।

पारंपरिक वेशभूषा और भक्तिमय माहौल
विभिन्न समाज के लोग, महिलाएं और युवा पारंपरिक वेशभूषा में भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए शोभा यात्रा में शामिल हुए। बैंड-बाजों की गूंज और भक्ति गीतों ने वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना दिया।

ब्राह्मण शिरोमणि का प्रेरणादायक संदेश
शोभा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ब्राह्मण शिरोमणि पंडित सुधीर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, साहस और धर्म की रक्षा के आदर्श हैं। आज के समय में उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज में समरसता, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ब्राह्मण समाज को ज्ञान, संयम और सेवा के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।”

उनके इस संदेश ने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया।
गरिमामयी उपस्थिति और व्यवस्थाएं
शोभा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पंडित सुधीर शर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ब्राह्मण शिरोमणि), वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज गुप्ता, नगर विधायक रितेश गुप्ता, प्रदीप शर्मा, हरिओम शर्मा, श्याम बिहारी शर्मा, रोहतास शर्मा, मनु शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने भगवान परशुराम के आदर्शों को समाज में अपनाने का आह्वान किया।

सुरक्षा और व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
शोभा यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारू रूप से संचालित किया गया, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।

सामाजिक एकता का संदेश
यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे का भी संदेश देता नजर आया। भगवान परशुराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास शहर में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
