पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए Election Commission of India ने कड़े कदम उठाए हैं। आयोग ने दोपहिया वाहनों को लेकर नई पाबंदियां लागू की हैं, जिनका असर पहले चरण में मतदान वाली 152 विधानसभा सीटों पर देखने को मिलेगा।
आयोग के निर्देश के मुताबिक अब शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाइक और स्कूटर के संचालन पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध केवल आपातकालीन परिस्थितियों—जैसे चिकित्सा जरूरत या जरूरी पारिवारिक कारण—में ही लागू नहीं होगा। आयोग का मानना है कि रात के समय दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
दिन के समय भी सख्ती बरती गई है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पिलियन राइडिंग (पीछे बैठकर यात्रा) पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मरीज को अस्पताल ले जाने, बच्चों को स्कूल छोड़ने या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसमें छूट दी गई है।
मतदान के दिन कुछ राहत दी गई है, जिसमें परिवार के सदस्य पिलियन सवारी के रूप में यात्रा कर सकेंगे, ताकि मतदाता आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य आम जनता को असुविधा देना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाना है।
इसके अलावा, बाइक रैलियों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। चुनाव के दौरान शक्ति प्रदर्शन और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। यदि किसी को इन नियमों में छूट चाहिए, तो उसे स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेनी होगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने कहा है कि आयोग किसी भी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने देगा और हर मतदाता को बिना डर और दबाव के वोट डालने का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं, इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है, जहां सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
