मुरादाबाद। जनपद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र स्थित नारायनपुर छंगा गांव जाने के लिए निकले समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस-प्रशासन ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। सपा सांसद रुचिवीरा को पशुपति गेस्ट हाउस में ठहराया गया, जबकि ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान खान को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
पुलिस की कड़ी निगरानी और चौकसी के चलते सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा नहीं हो सका। यह डेलीगेशन गांव में पीड़ित दलित परिवारों से मुलाकात करने जा रहा था, जिनके साथ मारपीट के आरोप भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह और उनके समर्थकों पर लगे हैं।
क्या है पूरा मामला?
17 अप्रैल की रात ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के नारायनपुर छंगा गांव में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता अजय प्रताप सिंह के जन्मदिन के मौके पर गांव में उनके समर्थक और मित्र एकत्र हुए थे। इसी दौरान अंबेडकर प्रतिमा के पास कार खड़ी करने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि दलित समुदाय के लोगों ने प्रतिमा के पास वाहन खड़ा करने का विरोध किया, जिससे विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद अजय प्रताप सिंह और उनके समर्थकों ने दलित समाज के लोगों के साथ मारपीट की। गंभीर आरोपों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, घरों से बाहर खींचकर पिटाई और फायरिंग तक की बात सामने आई है। साथ ही अंबेडकर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराई रिपोर्ट
घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर अजय प्रताप सिंह, उनके भाई और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी जवाबी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
सपा का आरोप-‘हमें जबरन रोका गया’
सपा जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें ठाकुरद्वारा के तिकोनिया क्षेत्र में पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर डेलीगेशन को गांव तक पहुंचने से रोका, ताकि पीड़ितों से मुलाकात न हो सके।
इस घटनाक्रम के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहा है।
