मुरादाबाद। शहर में आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की महत्वाकांक्षी सहायक आवासीय योजना (पॉकेट–ए) को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। लंबे समय से अटकी इस योजना को अब जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे आम नागरिकों को जल्द आवासीय भूखंड उपलब्ध होने की उम्मीद है।
दरअसल, मुरादाबाद–दिल्ली रेलवे लाइन और मुरादाबाद–कांठ रेलवे लाइन के बीच स्थित करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर यह योजना विकसित की जा रही है। पूर्व में भूमि विवादों के चलते यह परियोजना न्यायालय में लंबित थी, लेकिन अब संबंधित वादों के निस्तारण के बाद विकास का रास्ता साफ हो गया है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, योजना को पुनर्गठित करते हुए सहायक रूप में विकसित किया गया है। इसमें विभिन्न आकार के करीब 500 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं, जिनमें 50 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा 14 व्यावसायिक भूखंड भी निर्धारित किए गए हैं।
सुविधाओं का विशेष ध्यान
योजना में आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है। जनसुविधा के लिए दो शॉपिंग सेंटर, 33 केवी विद्युत सब-स्टेशन, गार्बेज कलेक्शन सेंटर जैसी व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए लगभग 24 पार्क विकसित किए जाएंगे।
साथ ही 9 मीटर, 12 मीटर और 18 मीटर चौड़ी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा और जल निकासी के लिए सुव्यवस्थित सीवरेज नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा।
लागत और दरें तय
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपये है। भूखंडों की आरंभिक दर लगभग 39,600 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। योजना के लिए रेरा में पंजीकरण प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
जल्द शुरू होगा आवंटन
23 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड बैठक में योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पंजीकरण नंबर जारी कर आम जनता के लिए भूखंडों का आवंटन शुरू किया जाएगा।
इस योजना के लागू होने से मुरादाबाद में व्यवस्थित आवासीय विकास को गति मिलेगी और शहरवासियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय विकल्प उपलब्ध होंगे।
