अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की बेटी Ivanka Trump को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित संगठन IRGC से जुड़े एक प्रशिक्षित आतंकी कमांडर ने इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की साजिश रची थी. बताया जा रहा है कि आरोपी के पास फ्लोरिडा स्थित उनके घर की जानकारी और नक्शा भी मौजूद था.
रिपोर्ट्स के अनुसार, इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी अमेरिकी हमले में मारे गए ईरानी कमांडर Qasem Soleimani की मौत का बदला लेना चाहता था. दावा है कि वह सुलेमानी को अपना गुरु मानता था और ट्रंप परिवार के खिलाफ बदले की भावना रखता था.
वॉशिंगटन स्थित इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची इंतिफाध कनबर ने दावा किया कि सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी खुलेआम इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की बातें करता था. उसने कथित तौर पर कहा था कि ट्रंप परिवार को उसी दर्द का एहसास कराया जाएगा, जैसा ईरान समर्थकों ने महसूस किया.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा शेयर करते हुए धमकी भरा संदेश पोस्ट किया था. संदेश में दावा किया गया था कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां भी उन्हें नहीं बचा पाएंगी और वह लंबे समय से निगरानी कर रहा है.
मोहम्मद अल-सादी को इराक-ईरान से जुड़े आतंकी नेटवर्क का अहम सदस्य माना जा रहा है. उसे 15 मई को तुर्की में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद अमेरिका को प्रत्यर्पित कर दिया गया. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, अल-सादी पर यूरोप और अमेरिका में कुल 18 आतंकी हमलों और हमले की कोशिशों में शामिल होने के आरोप हैं.
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि अल-सादी ने अमेरिका और यहूदी समुदाय से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की कई साजिशें रची थीं. आरोप है कि मार्च में एम्स्टर्डम स्थित बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलॉन पर हुए पेट्रोल बम हमले, अप्रैल में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमले और टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर फायरिंग की घटनाओं में उसका हाथ था.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-सादी ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani के बेहद करीबी लोगों में माना जाता था. बताया जाता है कि पिता की मौत के बाद वह सुलेमानी को पिता समान मानने लगा था और उसी के प्रभाव में कट्टरपंथ की राह पर आगे बढ़ा.
