सोमवार तड़के ईरान द्वारा कुवैत की ओर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। हमले के बाद पूरे कुवैत में सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नागरिक सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए।
कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी KUNA के अनुसार, संभावित खतरे को देखते हुए देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। कुवैती सेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है, जो दुश्मन की ओर से दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का प्रयास कर रहा है।
इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। CENTCOM के मुताबिक, अमेरिका ने आत्मरक्षा के तहत सीमित और सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था।
अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार और रविवार को किए गए इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो आत्मघाती ड्रोन नष्ट किए गए। साथ ही गोरुक क्षेत्र और केश्म द्वीप स्थित रडार तथा ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल केंद्रों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिका ने इन हमलों को “Measured Strikes” यानी सीमित और जवाबी कार्रवाई बताया है।
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति न होने के बीच इजरायल ने भी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को किए गए इजरायली हमलों में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश की है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव रखा गया है कि हिज्बुल्लाह इजरायल पर अपने हमले बंद करे, जबकि बदले में इजरायल बेरूत और अन्य संवेदनशील इलाकों में सैन्य कार्रवाई सीमित रखे। हालांकि, लेबनान की संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने पहले इजरायल से हमले रोकने की मांग की है, जिसके चलते कूटनीतिक प्रयासों के सामने चुनौतियां बनी हुई हैं।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब आने वाले दिनों की परिस्थितियों पर टिकी हुई हैं।
