मुरादाबाद। पंचायत भवन सभागार में सोमवार को जनपद के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सराहते हुए उन्हें आगे भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में यूपी बोर्ड के 18 मेधावी छात्र-छात्राओं को 21-21 हजार रुपये की धनराशि के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 97 छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर उनकी मेहनत और सफलता का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर जनपद के चार मेधावी विद्यार्थियों को विशेष उपलब्धि के लिए लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई। इन विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र एवं टैबलेट प्रदान किया गया।

समारोह में लखनऊ के लोक भवन से आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मेधावी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं बल्कि उनके माता-पिता और शिक्षकों के परिश्रम तथा मार्गदर्शन का भी परिणाम होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश भर में 223 विद्यार्थियों ने विभिन्न बोर्डों की टॉप-10 सूची में स्थान बनाया है और सभी मेधावियों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा सम्मान समारोह आयोजित कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया जा रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। छात्र भी उनसे प्रेरणा लेकर परिश्रम और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और कठिन परिश्रम का फल हमेशा मिलता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में नकलविहीन परीक्षा प्रणाली स्थापित की गई है। आज यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न होती है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रदेश सरकार ने लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिससे विद्यालयों की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जुड़कर देश के विकास में योगदान दे सके।
कार्यक्रम में महापौर विनोद अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार पाण्डे, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक सतानंद शर्मा, प्रिया अग्रवाल, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
