दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 10 गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हादसे के बाद होटल में फंसे लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगाई, जिससे कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, जिस होटल में आग लगी उसका नाम फ्लरिश स्टे है और उसके नीचे लेमन ग्रीन नाम का रेस्टोरेंट संचालित होता था, जहां से आग शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। होटल के मालिक लोकेश बजाज बताए जा रहे हैं, जिनके साथ अन्य साझेदार भी इस व्यवसाय से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि होटल के पास फायर एनओसी नहीं थी और छह कमरों की अनुमति के बावजूद इमारत में 24 कमरे बनाए गए थे। वहीं, छत पर पीजी भी संचालित किया जा रहा था। मृतकों में अधिकांश अफ्रीकी मूल के नागरिक बताए जा रहे हैं।
मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा के अनुसार, हादसे के बाद 39 लोगों को अस्पताल लाया गया, जिनमें 18 को मृत घोषित किया गया। आठ मरीज वेंटिलेटर पर हैं, जबकि पांच की हालत स्थिर होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। कई घायलों को इमारत से कूदने के कारण गंभीर फ्रैक्चर हुए हैं।
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस राजधानी के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है, जबकि होटल मालिक की अन्य संपत्तियां भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। घटना की सूचना सुबह 8:48 बजे पुलिस और फायर विभाग को मिली थी, जिसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
