मुरादाबाद, 21 अगस्त। जनपद में किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति से निपटने और स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत पहुंचाकर जनहानि को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में ‘युवा आपदा मित्र परियोजना 2026’ का आगाज होने जा रहा है। इसके तहत एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन (मेरा युवा भारत) और भारत स्काउट एंड गाइड से जुड़े 750 युवाओं को 7 दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेशानुसार यह आवासीय प्रशिक्षण 1 सितंबर से 31 अक्टूबर के मध्य पूरा किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) ममता मालवीय को इस पूरी परियोजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जिला आपदा विशेषज्ञ समन्वय और व्यवस्थापन का जिम्मा संभालेंगे।
19 से 28 अगस्त तक तहसीलों में स्क्रीनिंग, महिलाओं को 50% आरक्षण का लक्ष्य
युवा आपदा मित्रों के चयन की प्रक्रिया राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मानकों के तहत 19 अगस्त से 28 अगस्त तक संचालित की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में कार्यालय समय के दौरान संबंधित तहसीलों के अलावा जिला आपदा नियंत्रण कक्ष में भी अपना आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। चयन व स्क्रीनिंग प्रक्रिया के लिए सचिव (भारत स्काउट एंड गाइड), एनएसएस प्रभारी और जिला युवा अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह टीम तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसीलदार के साथ मिलकर सभी आवेदनों की जांच व स्क्रीनिंग करेगी। चयन के लिए प्रतिभागी का मुरादाबाद का मूल निवासी होना, आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होना, न्यूनतम कक्षा 7 उत्तीर्ण होना तथा शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। इसके साथ ही एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस अथवा स्काउट गाइड का प्रमाणपत्र और आपदा में कार्य करने का सहमति पत्र होना आवश्यक है। योजना में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सूचीबद्ध प्रतिभागी समय पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो स्थानीय प्रतिनिधित्व बनाए रखने के लिए एसडीएम की संस्तुति पर अन्य इच्छुक युवाओं को अवसर दिया जाएगा।
दयानंद आर्य कन्या व केजीके कॉलेज में आवासीय प्रशिक्षण, पॉलीटेक्निक रहेगा रिजर्व
जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत प्रशिक्षण के लिए शहर के दो प्रमुख संस्थानों दयानंद आर्य कन्या डिग्री कॉलेज (सिविल लाइंस) और केदारनाथ गिरधारी लाल खत्री (के०जी०के०) डिग्री कॉलेज को मुख्य प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। सामूहिक आयोजनों के लिए पंचायत भवन मुरादाबाद को निर्धारित किया गया है, जबकि आपात व विशेष परिस्थितियों के लिए राजकीय पॉलीटेक्निक मुरादाबाद को रिजर्व सेंटर के रूप में रखा गया है। चयनित एजेंसी मेसर्स मेरा पथ एजु० लि० द्वारा प्रशिक्षण स्थलों पर प्रतिभागियों के लिए टेंट, बिस्तर, चारपाई, भोजन और नाश्ते का संपूर्ण प्रबंध किया जाएगा। नगर निगम साफ-सफाई, पेयजल व शौचालयों की व्यवस्था देखेगा, जबकि विद्युत विभाग निर्बाध बिजली आपूर्ति और एजेंसी आपात स्थिति के लिए जनरेटर बैकअप सुनिश्चित करेगी।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ देंगे व्यावहारिक गुर, मास्टर ट्रेनर्स को मिलेगा मानदेय
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की वास्तविक कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और पीएसी फ्लड यूनिट के जनपद स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा विषय विशेषज्ञ डॉ. आनंद सिंह, वरिष्ठ सलाहकार कुमार दीपक, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. नीतू सिंह, जिला युवा अधिकारी सचिन कुमार, आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह, सतीश कुमार और कोमल जुगलान युवाओं को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में सेवाएं देने वाले मास्टर ट्रेनर्स को 1000 रुपये प्रतिदिन की दर से दैनिक भत्ता व मानदेय प्रदान किया जाएगा।
24 घंटे सुरक्षा घेरे में रहेंगे केंद्र, मजिस्ट्रेट तैनात और होगा स्वास्थ्य परीक्षण
प्रशिक्षण स्थलों पर 24 घंटे सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (नगर) द्वारा दोनों केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। दयानंद आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में विशेष रूप से महिला पुलिस बल तैनात रहेगा। विधि व्यवस्था के पर्यवेक्षण के लिए केजीके कॉलेज में तहसीलदार सदर तथा दयानंद आर्य कन्या कॉलेज में जिला विद्यालय निरीक्षक को मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय और जिला अस्पताल के सहयोग से प्रशिक्षण स्थल पर 24 घंटे आपातकालीन एंबुलेंस व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी और सभी युवाओं का मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट व प्रमाण पत्र मिलेंगे, पोर्टल पर दर्ज होगा पूरा ब्योरा
सात दिवसीय प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी 750 युवा स्वयंसेवकों को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा एक-एक इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र ट्रेनिंग मॉड्यूल बुक, पहचान पत्र और आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रशिक्षित युवा आपदा मित्रों का संपूर्ण विवरण राज्य आपदा पोर्टल, जनपद की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित तहसील व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसी भी आकस्मिक आपदा के समय तत्काल इन स्वयंसेवकों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके@शांतनु/INN
