पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी की सत्ता से विदाई के बाद पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के कार्यालय पर सीआईडी की टीम पहुंची। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी अभिषेक बनर्जी को एक कथित जाली हस्ताक्षर मामले में नोटिस देने गई थी। यह मामला उस दस्तावेज से जुड़ा है जिसे अभिषेक बनर्जी के हस्ताक्षर के साथ विधानसभा स्पीकर को सौंपा गया था।
उधर, टीएमसी के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को भी बड़ा झटका लगा है। जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोपों में गिरफ्तार किए गए दत्ता को अदालत ने आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2018 में एक व्यक्ति से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम की मांग की थी। इस मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले से उन्हें हिरासत में लिया।
एक तरफ पार्टी नेतृत्व पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और दूसरी तरफ नेताओं पर बढ़ते कानूनी शिकंजे ने टीएमसी की राजनीतिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। विपक्ष भी इन घटनाक्रमों को लेकर पार्टी पर लगातार हमलावर बना हुआ है।
