मुरादाबाद। विवादों में घिरे स्कॉलर डेन संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले से दर्ज आपराधिक मुकदमों, बकाया भुगतान विवादों और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच अब सागर सिक्योरिटीज की संचालिका सूर्या भारद्वाज ने अपने अधिवक्ता एवं ईमेल के माध्यम से विवेक ठाकुर को लीगल नोटिस भेज दिया है। नोटिस में संस्थान में तैनात सिक्योरिटी गार्ड, बाउंसर एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों को वापस लेने की चेतावनी देते हुए 15 जून 2026 तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है।
सूर्या भारद्वाज का आरोप है कि स्कॉलर डेन संस्थान पर उनकी कंपनी का लंबे समय से लाखों रुपये का बकाया है। उनका कहना है कि पूर्व देनदारी और लगातार बढ़ती बिलिंग को मिलाकर अब यह राशि लगभग 40 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
पहले ही दर्ज हो चुकी है गंभीर धाराओं में एफआईआर
सागर सिक्योरिटीज की संचालिका ने बताया कि बकाया भुगतान न मिलने के मामले में उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल को साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। जांच के बाद थाना कटघर में विवेक ठाकुर के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। उनका आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी न तो भुगतान किया गया और न ही किसी प्रकार का समाधान निकाला गया।
“कई बार लगाई गुहार, लेकिन नहीं मिला भुगतान”
सूर्या भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने कई अवसरों पर स्वयं तथा अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से विवेक ठाकुर और उनके स्टाफ से संपर्क कर बकाया राशि का भुगतान करने का अनुरोध किया। लेकिन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान न होने की स्थिति में उन्हें अपने सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाना पड़ेगा, तब विवेक ठाकुर ने कथित रूप से उन्हें यह कहकर धमकाया कि यदि उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलेगा।
15 जून तक की मोहलत, फिर हटेंगे गार्ड और बाउंसर
सागर सिक्योरिटीज की ओर से भेजे गए लीगल नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 15 जून 2026 तक की समय सीमा दी जा रही है। यदि इस अवधि के भीतर बकाया भुगतान अथवा विवाद का समाधान नहीं किया जाता है तो स्कॉलर डेन संस्थान को उपलब्ध कराए जा रहे सिक्योरिटी गार्ड, बाउंसर एवं अन्य सुरक्षा स्टाफ को वापस बुला लिया जाएगा।
नोटिस के बाद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी वाले संस्थान में सुरक्षा कर्मियों की वापसी को एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
1500 कर्मचारियों के भविष्य का सवाल
सूर्या भारद्वाज ने बताया कि उनकी कंपनी से जुड़े 1500 से अधिक गार्ड, बाउंसर और अन्य कर्मचारी गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में लगभग 40 लाख रुपये की बकाया राशि फंस जाने से कंपनी पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यावसायिक विवाद नहीं है बल्कि उनके कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। इसी कारण उन्हें अब सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।

“फरार हैं विवेक ठाकुर, सोशल मीडिया पर कर रहे दुष्प्रचार”
सूर्या भारद्वाज ने आरोप लगाया कि विवेक ठाकुर न तो अपने लेनदारों का सामना कर रहे हैं और न ही प्रशासन के सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह लोगों और आमजनमानस को गुमराह करने के लिए सोशल मीडिया पर तथ्यहीन और भ्रामक वीडियो प्रसारित कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कभी विद्यार्थियों को आगे कर संस्थान को बंद न किए जाने की अपील वाले वीडियो बनवाए जाते हैं तो कभी उन लोगों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जाता है जिन्होंने वर्षों तक संस्थान का साथ दिया।
एमडीए की कार्रवाई का भी किया जिक्र
सूर्या भारद्वाज ने कहा कि जिस संस्थान को लेकर भावनात्मक माहौल बनाया जा रहा है, उसके संबंध में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा भी कार्रवाई की जा चुकी है और भवन को सील करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि इन तथ्यों से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग कथानक गढ़े जा रहे हैं।
“जल्द सामने आएगा असली चेहरा”
सूर्या भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने विवेक ठाकुर से संबंधित सभी दस्तावेज, भुगतान विवरण और अन्य साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध करा दिए हैं। उनके अनुसार जांच आगे बढ़ने के साथ पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी और लोगों को विवेक ठाकुर का वास्तविक चेहरा देखने को मिलेगा।
खबर प्रकाशित किए जाने तक स्कॉलर डेन संचालक विवेक ठाकुर का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनसे संपर्क करने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल पाया।
