मुरादाबाद। स्कॉलर डेन संस्था के संचालक विवेक ठाकुर के खिलाफ मंगलवार को सागर सिक्योरिटी फर्म से जुड़े सुरक्षाकर्मियों, हाउसकीपिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। बकाया भुगतान को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अंबेडकर पार्क से मंडलायुक्त कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कॉलर डेन संस्था द्वारा सागर सिक्योरिटी फर्म का कुल ₹39,47,185.12 (ब्याज सहित) का भुगतान लंबे समय से रोका गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2018 से सागर सिक्योरिटी संस्था को सुरक्षा और हाउसकीपिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही थी, लेकिन आठ वर्षों तक सेवाएं देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिससे सैकड़ों कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

सागर सिक्योरिटी की पार्टनर रमा भारद्वाज ने बताया कि उनकी फर्म सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) के तहत पंजीकृत है और स्कॉलर डेन को लगातार सुरक्षा एवं सफाई सेवाएं प्रदान करती रही है। उनके अनुसार संस्था पर मूल बकाया राशि ₹33,53,414.12 थी, जबकि मई और जून माह की सेवाओं का ₹5,93,771 अतिरिक्त बकाया जुड़ने के बाद कुल देनदारी बढ़ गई।
भुगतान मांगने पर धमकी देने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब फर्म की ओर से बकाया भुगतान की मांग की गई तो विवेक ठाकुर ने भुगतान देने से इनकार कर दिया और कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी। इसी मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थाना कटघर में अपराध संख्या 0305/2026 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पीड़ित पक्ष के अनुसार विवेक ठाकुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(2) तथा 351(3) के अंतर्गत मामला दर्ज है। कर्मचारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक बकाया भुगतान नहीं किया गया है।
कानूनी नोटिस के बाद वापस बुलाया गया स्टाफ
सागर सिक्योरिटी प्रबंधन का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी संस्था की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए 15 जून तक सेवाएं जारी रखी गईं। इस दौरान MSME Act, 2006 के तहत विधिक नोटिस देकर भुगतान करने के लिए समय दिया गया था।
फर्म का दावा है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद 15 जून को स्कॉलर डेन परिसर से अपना समस्त सुरक्षा एवं हाउसकीपिंग स्टाफ वापस बुला लिया गया। इसके बाद संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वयं संस्था प्रबंधन की हो गई है।
कर्मचारियों ने बताया—भरण-पोषण तक हुआ मुश्किल
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से वेतन और भुगतान अटकने के कारण उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कई कर्मचारियों के सामने बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया और दैनिक जरूरतें पूरी करने तक का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि मेहनत से अर्जित धन न मिलने के कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह को सौंपे ज्ञापन में मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए बकाया भुगतान दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
गिरफ्तारी और ब्याज सहित भुगतान की मांग
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन, पुलिस और एमएसएमई काउंसिल से मांग की है कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विवेक ठाकुर को गिरफ्तार किया जाए तथा ₹39.47 लाख से अधिक की बकाया राशि का भुगतान एमएसएमई और आरबीआई के प्रावधानों के अनुरूप ब्याज सहित कराया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल जाती, तब तक उनका संघर्ष और विरोध जारी रहेगा@शांतनु/INN
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