अमरोहा उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लखनऊ के लोक भवन में आधिकारिक यूट्यूब चैनल “सूचना प्रवाह” के शुभारंभ का अमरोहा के पत्रकार संगठनों, साहित्यकारों, व्यापारियों और किसान नेताओं ने पुरजोर स्वागत किया है।
सूचना निदेशक विशाल सिंह एवं अपर सूचना निदेशक अरविंद कुमार मिश्र द्वारा शुरू की गई इस डिजिटल पहल को जिले के प्रबुद्ध वर्ग ने शासन और आमजन के बीच संवाद का एक मजबूत और पारदर्शी माध्यम बताया है। स्थानीय संगठनों का मानना है कि इस चैनल के माध्यम से प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रामाणिक जानकारी अब अमरोहा के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहद सहजता से पहुंच सकेगी।

इस तकनीकी शुरुआत की सराहना करते हुए मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के संरक्षक तुलाराम ठाकुर तथा जिलाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार महिपाल सिंह सहित तमाम पदाधिकारियों एवं यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सेक्रेटरी डॉ संतोष कुमार गुप्ता ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना विभाग का यह कदम मीडिया और आम जनता दोनों के लिए बेहद मददगार साबित होगा। वहीं, साहित्यकारों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला मंत्री राजीव अग्रवाल,व्यापार सुरक्षा फोरम के नेता अजय कुमार गोयल सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों व विद्वतजनों ने इसे डिजिटल संचार के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी शुरुआत माना है। राजभाषा सलाहकार समिति व विश्व हिंदी परिषद के संयोजक डॉ. यतींद्र विद्यालंकार ने कहा कि प्रामाणिक और तथ्यपरक जानकारियों को सरल भाषा में आमजन तक पहुंचाने का यह प्रयास सराहनीय है, जिससे भ्रामक खबरों पर भी लगाम लगेगी।
ग्रामीण और किसान हितों के संदर्भ में बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी नेता कैलाश गुर्जर एवं ग्राम प्रधान संगठन के नरेंद्र कटारिया और भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय सचिव डॉ. सुमित नागर ने इस पहल को ग्रामीण विकास के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इसके जरिए किसानों और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की सही व समयबद्ध जानकारी सीधे मिल सकेगी।
समाजसेवी मुकेश शर्मा और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह ने भी सूचना निदेशक विशाल सिंह के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा निर्मित वृत्तचित्र, विशेष रिपोर्ट और प्रेरणादायी वीडियो के माध्यम से जिले के नागरिकों को जागरूक करने में बड़ी मदद मिलेगी। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग ने उम्मीद जताई है कि यह मंच आमजन और शासन के बीच के संवाद को और अधिक मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।
