अमरोहा(महिपाल सिंह)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। समाजवादी पार्टी की दादरी में हुई पीडीए रैली के बाद अब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने भी अपनी चुनावी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी की अध्यक्षता में हुई हालिया अहम बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस रणनीति के तहत पार्टी ने ‘टीम आरएलडी’ के गठन का बड़ा ऐलान किया है, जिसके जरिए प्रत्येक गांव और वार्ड स्तर तक संगठन का विस्तार किया जाएगा।
पार्टी नेतृत्व के इस फैसले ने रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक भावी उम्मीदवारों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एक बेहद साफ और कड़ा संदेश दे दिया है। वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है और सभी को अभी से चुनावी मैदान में उतरना होगा। इस नई रणनीति का मुख्य लक्ष्य हर गांव और वार्ड में सक्रिय कार्यकर्ताओं और संपर्क सूत्रों को नियुक्त करना है, ताकि मतदाताओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित की जा सके और बूथ स्तर पर एक अभेद्य चुनावी प्रबंधन खड़ा किया जा सके।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी पकड़ को और पुख्ता करने के लिए जयंत चौधरी खुद कमान संभाले हुए हैं।इसी सिलसिले में जयंत चौधरी इससे पूर्व में मेरठ के साथ-साथ ठाकुरद्वारा समेत पूरे मुरादाबाद मंडल में लगातार दौरे और बैठकें कर कार्यकर्ताओं में नया जोश भर चुके हैं। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का यह आक्रामक रुख साफ संकेत देता है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में किसी भी स्तर पर पीछे नहीं रहना चाहती। आने वाले दिनों में गांव-गांव तक पहुंचने की यह मुहिम प्रदेश के सियासी पारे को और बढ़ाने वाली साबित होगी।
