मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र में एक भवन में लगी भीषण आग के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस ने एक महिला की तहरीर के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ आगजनी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और षड्यंत्र रचने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने बीमा राशि हड़पने की नीयत से सुनियोजित ढंग से आग लगाने की साजिश रची, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।
एफआईआर के अनुसार ग्राम उधौपुरा पूर्वी निवासी रुकसाना बेगम के पति ने मार्च 2025 में भोजपुर निवासी मोहम्मद इशाक को अपना एक हॉल किराये पर दिया था, जबकि जून 2025 में मोहम्मद सलमान को एक दुकान किराये पर दी गई थी। दोनों पक्षों के बीच लिखित अनुबंध भी हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता के पति रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब चले गए और परिवार गांव में रहने लगा।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इशाक और सलमान ने मकान मालिक की अनुमति के बिना हॉल और दुकान को वसीम नामक व्यक्ति को किराये पर दे दिया। काफी समय तक यह जानकारी परिवार से छिपाई गई। बाद में वसीम द्वारा किराये की राशि भेजे जाने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पीड़िता का कहना है कि 2 जून 2026 की सुबह वसीम का भाई समीर और उसके पिता माहिर हुसैन हॉल में रखे सामान को निकालते हुए देखे गए। जब परिवार की एक महिला सदस्य ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कुछ ही देर बाद सुबह लगभग 7:45 बजे भवन में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में पूरा हॉल, टीन शेड और भवन का बड़ा हिस्सा आ गया। सूचना पर दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
तहरीर में दावा किया गया है कि आग लगने से पहले आरोपियों ने हॉल से उपयोगी और कीमती सामान जैसे इन्वर्टर, कूलर, सोलर पैनल, बैटरी और अन्य उपकरण निकाल लिए थे। वहीं हॉल में पुराने कपड़े बड़ी मात्रा में जमा कर रखे गए थे, जिससे आग अधिक तेजी से फैल सके। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सब बीमा क्लेम हासिल करने की पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा था।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने अपने कारोबार का बीमा कराया हुआ था और वे ऐसे भवन की तलाश में थे, जहां मालिक स्वयं न रहता हो। इसी का फायदा उठाते हुए कथित रूप से आग लगाकर बीमा राशि प्राप्त करने की योजना बनाई गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में आरोपियों ने परिवार को धमकाते हुए पुलिस में शिकायत न करने और बीमा कंपनी के समक्ष उनके पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया।
रुकसाना बेगम ने अपनी शिकायत में लगभग 30 से 35 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है। उनका कहना है कि यह मकान उनके पति ने वर्षों की मेहनत और कर्ज लेकर तैयार कराया था, जो अब लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। घटना के बाद पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहा है।
भोजपुर पुलिस ने मामले में मोहम्मद इशाक, मोहम्मद सलमान, वसीम, समीर और माहिर हुसैन को नामजद करते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अनुज कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी@जफर/INN
