मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने जनपदवासियों से तंबाकू एवं धूम्रपान जैसी हानिकारक आदतों को छोड़कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील करते हुए कहा कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, बल्कि परिवार एवं समाज पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जनपद में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत निरंतर जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार जनपद में तंबाकू नियंत्रण अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान एवं कोटपा अधिनियम के उल्लंघन के विरुद्ध नियमित कार्रवाई की जा रही है। मई माह में 159 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 14,897 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि जून माह में अब तक 184 व्यक्तियों पर करीब 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। यह कार्रवाई तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिला सलाहकार तम्बाकू नियंत्रण डॉ. प्रशांत राजपूत ने बताया कि दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को तंबाकू की लत से मुक्त कराने हेतु परामर्श एवं उपचार की भी व्यवस्था की गई है। मई माह में लगभग 150 तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों की काउंसलिंग कर उन्हें तंबाकू छोड़ने हेतु आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा गांवों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों तथा अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में जनपद के ग्राम बीबीपुर में आयोजित तंबाकू छोड़ो केंद्रित समूह वार्ता कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा तंबाकू सेवन से होने वाली स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान स्मोकलाइजर मशीन के माध्यम से धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के फेफड़ों में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा की जांच भी की गई तथा तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया।
तंबाकू मुक्त मुरादाबाद के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए आमजन स्वयं तंबाकू का सेवन न करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें, ताकि एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके@शांतनु/INN
