मुरादाबाद। जनपद में नशे के बढ़ते प्रभाव और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की मौजूदगी में एनकार्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नशा मुक्ति अभियान, अवैध मादक पदार्थों की बिक्री और रोकथाम संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आबकारी, ड्रग्स विभाग तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रमुख शिक्षण संस्थानों, विशेषकर आईएफटीएम और टीएमयू के आसपास विशेष निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जाए। यदि कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन में लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी ने ड्रग्स इंस्पेक्टर को निर्देशित किया कि मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं। उन्होंने सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने काशीराम कॉलोनी, हाबूड़ा बस्ती और आदर्श कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अभियान में इस्कॉन, ब्रह्मकुमारीज, परिवर्तन द चेंज और गायत्री परिवार जैसे सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित किया जा सके।

बैठक में निजी नशामुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी निजी नशामुक्ति केंद्रों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जो केंद्र निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बंद कराया जाए।
बैठक में एमडीए सचिव, पुलिस अधीक्षक अपराध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे@जफर/INN
