मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षा विभाग की जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में संचालित विभिन्न योजनाओं, ऑपरेशन कायाकल्प, स्वच्छता, पेयजल, पीएम पोषण योजना तथा विद्यालयों की सुरक्षा एवं आधारभूत व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में सुरक्षित पेयजल, वाटर टैंक के साथ रनिंग वाटर, नियमित सफाई तथा क्रियाशील शौचालय हर हाल में उपलब्ध होने चाहिए।
निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं एडीओ पंचायत को कार्यों की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटिया गुणवत्ता का कार्य पाए जाने पर उसकी जांच कराकर संबंधित संस्था से ही कार्य को दुरुस्त कराया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पेंट का प्रयोग करने, स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल पर विशेष ध्यान देने तथा क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर से आवश्यक कार्यों को तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों को प्रभावी बनाने तथा सभी विद्यालयों को एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से लिंक करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के विद्यालयों को प्रदेश में उत्कृष्ट विद्यालयों के रूप में पहचान दिलाने के लिए सभी अधिकारी समन्वित प्रयास करें।

जिलाधिकारी ने शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यालयों की नियमित मॉनीटरिंग, प्रभावी नियंत्रण तथा प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता समिति गठित कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही अथवा कार्य में खराब गुणवत्ता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों की रंगाई-पुताई निर्धारित मानकों के अनुसार कराने, किचन में सिंक की नियमित सफाई, मच्छर एवं कीट-पतंगों से बचाव के लिए दरवाजों पर जाली लगाने, बाउंड्रीवाल को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने तथा विद्युत वायरिंग को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय परिसर में हाईटेंशन लाइन अथवा खुले तारों की स्थिति न रहने देने, आवश्यकता के अनुसार कक्षों में जाली लगवाने तथा प्रत्येक कक्ष में पर्याप्त पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सभी संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विद्यालयों की प्रत्येक व्यवस्था का नियमित अनुश्रवण करते हुए कमियों को तत्काल दूर किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, अपर जिलाधिकारी नगर अंकुर श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी तथा पीएमश्री विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे@शांतनु/INN
