मुरादाबाद। मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को ठाकुरद्वारा क्षेत्र में एक और महिला तेंदुए के हमले का शिकार हो गई। पशुओं के लिए चारा लेने खेत गई करीब 55 वर्षीय महिला पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। गले पर झपट्टा मारने के बाद तेंदुआ उसे खींचकर ईख के खेत में ले गया। घटना में महिला की मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत के साथ आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लगातार तेंदुए की गतिविधियां सामने आ रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसी आक्रोश में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया। इससे मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चारा लेने खेत गई थीं ब्रह्मो देवी
घटना ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव बलिया बहापुर की बताई जा रही है। गांव निवासी करीब 55 वर्षीय ब्रह्मो देवी मंगलवार को पशुओं के लिए चारा लेने खेत की ओर गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए ने महिला के गले पर झपट्टा मारा और उन्हें दबोच लिया। इसके बाद वह महिला को खींचकर पास के ईख के खेत में ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी हुई। ग्रामीणों के पहुंचने तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और तेंदुए को पकड़ने तथा इलाके में तत्काल अभियान चलाने की मांग करने लगे।

वन विभाग की टीम पहुंची तो फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने इलाके का जायजा लेते हुए तेंदुए की तलाश शुरू की। लेकिन महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों का आक्रोश वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया। इससे टीम को मौके पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में तेंदुए लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं और अब तक कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद तेंदुए के आतंक पर प्रभावी ढंग से अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
15 दिन में दो महिलाओं की मौत, 10 से ज्यादा घायल
मुरादाबाद में तेंदुए के हमलों का सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब 15 दिनों में तेंदुए के हमलों में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 10 से अधिक किसान और ग्रामीण तेंदुए के हमले में घायल हुए हैं। इनमें दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
लगातार हो रहे हमलों से ठाकुरद्वारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल है। खेतों में काम करने और पशुओं के लिए चारा लेने जाने वाले ग्रामीण अब अकेले बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में तेंदुए की मौजूदगी के कारण खेती-किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों में दहशत, खेतों की ओर जाने से डर रहे लोग
ताजा घटना के बाद बलिया बहापुर और आसपास के गांवों में ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने, कैमरा ट्रैप बढ़ाने और लगातार निगरानी अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक बच्चों, महिलाओं और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और तेंदुए की तलाश के लिए अभियान तेज करने की मांग की है।
फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके में तेंदुए की तलाश में जुटी है। लगातार सामने आ रहे हमलों के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती आदमखोर तेंदुए को पकड़कर ग्रामीणों में फैली दहशत को खत्म करना है@जफर/INN
