अयोध्या स्थित रामलला मंदिर में कथित चंदा और चढ़ावा गड़बड़ी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जन आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
शुक्रवार (26 जून) को देवरिया में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस पवित्र स्थल पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली, तत्काल एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया। एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी और जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल आज अयोध्या और आस्था की बात कर रहे हैं, वे पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व और राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की नीयत पर जनता पहले से ही सवाल उठाती रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन आस्था और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
