मुरादाबाद। स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया पर पत्रकारों के खिलाफ कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी अब उनके लिए बड़ा कानूनी संकट बनती दिखाई दे रही है। एक प्रमुख मीडिया संस्थान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विवेक ठाकुर को ₹5 करोड़ की मानहानि का विधिक नोटिस भेजते हुए 48 घंटे के भीतर फेसबुक पोस्ट हटाने, सार्वजनिक खंडन प्रकाशित करने और बिना शर्त माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है।
नोटिस में कहा गया है कि 27 जून 2026 को विवेक ठाकुर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक सार्वजनिक पोस्ट प्रकाशित करते हुए मुरादाबाद के पत्रकारों को “वसूली गैंग”, “ब्लैकमेलर पत्रकार” और “दुष्ट शिशुपाल” जैसे शब्दों से संबोधित किया। इतना ही नहीं, पोस्ट में यह भी लिखा गया कि “अब आगे ईश्वर की लीला देखिए… इन दुष्ट शिशुपालों का क्या हश्र होगा।” नोटिस में इसे न केवल पत्रकारों की प्रतिष्ठा पर हमला बल्कि उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का सुनियोजित प्रयास बताया गया है।
विधिक नोटिस में कहा गया है कि संबंधित मीडिया संस्थान ने स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई, विभागीय अनियमितताओं और संस्थान की सीलिंग से जुड़ी खबरों का तथ्यात्मक और जनहित में प्रमुखता से प्रकाशन किया था। ऐसे में फेसबुक पोस्ट का सीधा आशय उन समाचार संस्थानों और पत्रकारों से माना जा रहा है, जिन्होंने विवेक ठाकुर और उनके संस्थान के संबंध में समाचार प्रकाशित किए।
विद्वान अधिवक्ता ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि बिना किसी न्यायिक निष्कर्ष, तथ्य या साक्ष्य के पत्रकारों को “ब्लैकमेलर”, “वसूली गैंग” और “दुष्ट शिशुपाल” कहना भारतीय कानून के तहत गंभीर मानहानिकारक कृत्य है। इससे न केवल संबंधित मीडिया संस्थान की साख को नुकसान पहुंचा है, बल्कि पत्रकारिता जैसे संवैधानिक दायित्व निभाने वाले पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।
48 घंटे में पोस्ट हटाओ, माफी मांगो और अखबारों में छपवाओ स्पष्टीकरण
नोटिस में विवेक ठाकुर को निर्देश दिया गया है कि वह 48 घंटे के भीतर अपनी फेसबुक पोस्ट हटाएं, सोशल मीडिया पर सार्वजनिक खंडन जारी करें, अपने खर्च पर कम-से-कम दो स्थानीय समाचार पत्रों में यह प्रकाशित कराएं कि उनकी पोस्ट में प्रयुक्त “वसूली गैंग”, “ब्लैकमेलर पत्रकार” और अन्य आपत्तिजनक शब्दों का आशय नोटिस भेजने वाले मीडिया संस्थान अथवा उसके किसी पत्रकार से नहीं था। साथ ही संबंधित मीडिया संस्थान से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त लिखित क्षमायाचना भी करें।
चेतावनी: नहीं माने तो 5 करोड़ का मानहानि वाद और फौजदारी कार्रवाई
नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर उपरोक्त सभी शर्तों का पालन नहीं किया गया तो विवेक ठाकुर के विरुद्ध ₹5 करोड़ की क्षतिपूर्ति का दीवानी मानहानि वाद दायर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत फौजदारी कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। न्यायालयीन व्यय, अधिवक्ता शुल्क और अन्य सभी कानूनी खर्चों की जिम्मेदारी भी विवेक ठाकुर पर ही होगी।
स्कॉलर्स डेन पहले भी रहा है विवादों में
उल्लेखनीय है कि स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान पिछले कुछ समय से विभिन्न प्रशासनिक कार्रवाइयों और विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। संस्थान की सीलिंग और उससे जुड़े मामलों की खबरें स्थानीय मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित होती रही हैं। अब पत्रकारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी के बाद मामला कानूनी मोड़ ले चुका है।
यदि 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी नहीं आती है, तो यह विवाद सीधे अदालत की चौखट तक पहुंच सकता है@शांतनु/INN
