मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को रामपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे, जबकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बेहद सीमित थे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी भर्तियां निकलते ही “चाचा-भतीजे की जोड़ी” वसूली में लग जाती थी, जिसके चलते कई भर्तियों पर अदालत को रोक लगानी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकार के पास धन नहीं होता था और उस दौर में सिर्फ दो परिवारों का विकास हुआ—एक सैफई परिवार और दूसरा रामपुर का एक परिवार।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने रामभक्ति को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले “जय श्रीराम” बोलने वालों पर लाठियां चलवाते थे और “रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे” का नारा लगाने वाले रामभक्तों पर गोलियां चलवाते थे, आज वही लोग आस्था और भगवान राम की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की ताकत ने विरोधियों को अपना रुख बदलने पर मजबूर कर दिया है और अब उन्हें अपने पुराने राजनीतिक रवैये पर पछतावा भी हो रहा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के समर्थन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। उनके मुताबिक, जो लोग पहले रामभक्तों का विरोध करते थे, आज वही जनता का समर्थन पाने के लिए धार्मिक आस्था की बात करने को मजबूर हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहबाद तहसील के ग्राम ढकुरिया स्थित शिवा शुगर मिल परिसर में मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य रामपुर की सांस्कृतिक, धार्मिक और औद्योगिक पहचान को और मजबूत करना तथा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने रामपुर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि जब भी वह रामपुर आते हैं, यहां का मौसम शिमला जैसा सुहावना हो जाता है। उन्होंने भगवान महाकालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी जैसे धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए रामपुर की आस्था परंपरा की सराहना की। साथ ही पैचवर्क, वायलिन निर्माण और मेंथा उत्पादन के क्षेत्र में रामपुर की राष्ट्रीय पहचान का भी उल्लेख किया।
