मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के उपनिदेशक रूप सिंह को बीज सत्यापन और टैग जारी करने के नाम पर किसान से 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। विजिलेंस बरेली सेक्टर की टीम ने शुक्रवार को विकास नगर, प्रकाश नगर, लाइन पार स्थित कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिकारी को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बीज सत्यापन और टैग जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता किसान ने आरोप लगाया था कि उपनिदेशक रूप सिंह ने बीजों के सत्यापन और टैग जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में 70 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। किसान ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई। आरोपी ने पहले 10 हजार रुपये तत्काल और शेष 60 हजार रुपये अगस्त के दूसरे सप्ताह में देने की बात तय कर दी।
शिकायत के बाद हुई गोपनीय जांच
रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने पूरे मामले की लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस बरेली सेक्टर ने मामले की गोपनीय जांच कराई। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
कार्यालय में बिछाया गया ट्रैप, 10 हजार लेते ही दबोचा
योजना के अनुसार शुक्रवार को शिकायतकर्ता निर्धारित 10 हजार रुपये लेकर मुरादाबाद स्थित उपनिदेशक के कार्यालय पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए गए।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ ले गई। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले में आगे की विवेचना और कानूनी कार्रवाई जारी है@जफर/INN
