CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिसकर्मियों के परिजनों ने शुक्रवार (31 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उनकी तकलीफों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
परिजनों ने मीडिया के सामने उन घायल पुलिसकर्मियों के वीडियो भी दिखाए, जिनमें उनकी आपबीती दर्ज थी। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने वाले हर पुलिसकर्मी के पीछे एक परिवार होता है, जो हर दिन उसके सुरक्षित घर लौटने का इंतजार करता है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान हुई हिंसा का असर सिर्फ जवान पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल एक एएसआई की पत्नी सीमा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला किया और पत्थरबाजी की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया, जबकि वे अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उनकी बेटी ने भी भावुक होकर कहा कि उनके पिता को गलत तरीके से अपराधी की तरह पेश किया गया, जबकि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थे।
परिजनों ने मांग की कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों की स्थिति को भी गंभीरता से देखा जाए और घटना के सभी पहलुओं पर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाया जाए।
