उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को 45 विधानसभा प्रभारियों की पहली सूची जारी कर संगठन को चुनावी मोड में उतारने का संकेत दिया।
जारी सूची में हाथरस विधानसभा से पूर्व आईपीएस अधिकारी आदित्य प्रकाश वर्मा, छर्रा से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सहित कई ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, जिनकी अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक पहचान मानी जाती है। पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और चुनावी तैयारियों को गति देना है।


प्रभारियों की सूची में सामाजिक प्रतिनिधित्व पर भी खास जोर दिया गया है। 45 नामों में 18 दलित, 16 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), 10 मुस्लिम और एक सिख समुदाय से जुड़े नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस सूची में ब्राह्मण और ठाकुर समाज का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है, जिसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब बहुजन समाज पार्टी भी विधानसभा प्रभारियों के जरिए अपने संगठन को मजबूत करने में लगी है। ऐसे में दलित राजनीति और बहुजन वोट बैंक को लेकर दोनों दलों के बीच मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
पहली सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, हापुड़, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी दलित-मुस्लिम और ओबीसी बहुल क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूची में कई ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जो पहले विभिन्न राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ चुके हैं या अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं। इनमें गोवर्धन से दीपक चौधरी, फतेहपुर सीकरी से जगदीश बघेल, गोविंद नगर से तुलसीराम वाल्मीकि और मऊ की मधुबन सीट से शिवसागर यादव प्रमुख हैं।
पार्टी के अनुसार, सभी नियुक्तियां राज्य समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई हैं। इन प्रभारियों को संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और सामाजिक न्याय, संविधान तथा बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
