उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के संबंध में आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर द्वारा प्रस्तुत जनहित शिकायत को अधिकार क्षेत्र के आधार पर निस्तारित कर दिया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि शिकायतकर्ता, यदि चाहे, तो अपनी शिकायत के निवारण हेतु किसी “उपयुक्त मंच” का रुख कर सकता है।
अमिताभ ठाकुर ने आयोग से अनुरोध किया था कि विश्वविद्यालय के संबंध में प्रस्तावित प्रवर्तनात्मक कार्रवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 21, प्राकृतिक न्याय, विधिसम्मत प्रक्रिया, प्रशासनिक निष्पक्षता तथा अनुपातिकता के सिद्धांतों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया था कि यदि किसी निर्माण में विधिक अनियमितता है तो उसके विरुद्ध विधि के अनुसार कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए, किंतु उससे प्रभावित होने वाले हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य निर्दोष हितधारकों के शिक्षा, आजीविका, गरिमा एवं अन्य वैध अधिकारों का संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है।
उन्होंने अपने प्रत्यावेदन में यह भी कहा था कि यह विषय मूलतः मानवाधिकारों, विधिसम्मत प्रक्रिया तथा निर्दोष हितधारकों के संवैधानिक अधिकारों से संबंधित है और इसलिए मानवाधिकार आयोग के विचारार्थ उपयुक्त है।

अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यदि ऐसे प्रश्न, जिनका सीधा संबंध शिक्षा, आजीविका, गरिमा, विधिसम्मत प्रक्रिया तथा बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों के अधिकारों से हो, मानवाधिकार आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर माने जाते हैं, तो यह मानवाधिकार आयोगों की भूमिका एवं अधिकार क्षेत्र के संबंध में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक प्रश्न है, जिस पर व्यापक विमर्श अपेक्षित है@शांतनु/INN
