प्रयागराज: अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए उसके बड़े भाई अली और उमर पैरोल पर जेल से बाहर आ गए हैं। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया जा रहा है। हाईकोर्ट की अनुमति के बाद दोनों भाइयों को कुछ तय शर्तों के साथ पैरोल मिली है।
झांसी जेल में बंद अली को शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। करीब 400 किलोमीटर के इस सफर के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अली को जिस वैन से ले जाया जा रहा है, उस पर पर्दे लगाए गए हैं ताकि उसका चेहरा कैमरे में न आए। जेल के बाहर मीडिया को भी करीब 100 मीटर की दूरी पर रोक दिया गया।
वहीं, लखनऊ जेल से उमर भी दोपहर करीब 12:30 बजे बाहर आया। उसकी सुरक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दोनों भाइयों की गाड़ियों के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां चल रही हैं।
रास्ते के थानों को किया गया अलर्ट
अली और उमर जिस-जिस थाना क्षेत्र से गुजरेंगे, वहां स्थानीय पुलिस उनकी सुरक्षा में तैनात रहेगी। दोनों के रूट में आने वाले थानों को पहले से अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस की कोशिश है कि दोनों को बिना किसी व्यवधान के सीधे प्रयागराज पहुंचाया जाए।
प्रयागराज पहुंचने के बाद दोनों भाइयों को सीधे कसारी-मसारी कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। यहां वे पुलिस की मौजूदगी में अपने भाई अहजम और बुआ परवीन कुरैशी से करीब एक मिनट मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोनों को वापस संबंधित जेलों में ले जाया जाएगा।
पैरोल के दौरान इन गतिविधियों पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अली और उमर को पैरोल देते हुए कई शर्तें लगाई हैं। दोनों को मीडिया से बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर किसी तरह की गतिविधि करने, सार्वजनिक सभा को संबोधित करने और किसी अन्य कार्यक्रम में शामिल होने पर भी रोक रहेगी।
करीब चार साल बाद दोनों भाइयों को पहली बार पैरोल मिली है। जेल से प्रयागराज तक पहुंचने में उन्हें लगभग 6 से 7 घंटे लगने का अनुमान है। ऐसे में अबान को शनिवार रात करीब 8 बजे तक सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की संभावना है।
अबान को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया जाएगा। इसी कब्रिस्तान में अतीक के पिता फिरोज अहमद, भाई अशरफ और बेटे असद की कब्रें भी मौजूद हैं।
