समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आजम खान से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ चुनिंदा लोगों को खुश करने के लिए विपक्षी नेताओं और उनसे जुड़े लोगों को निशाना बना रही है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि शिक्षा, शिक्षक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने विश्वविद्यालय जैसे संस्थान खड़े किए, उनके खिलाफ ED की छापेमारी कराई जा रही है, जबकि कई गंभीर मामलों में आरोपी लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में राम मंदिर से जुड़े चोरी के मामले, कथित भ्रष्टाचार, कोडीन कफ सिरप की तस्करी और सत्ता के संरक्षण में अपराध जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई कर रही है।
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेसवे की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की बदहाली, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सफर में परेशानी और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गड्ढों का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही ग्रीन कॉरिडोर में दरारों, खराब सड़कों, पुलों के गिरने और पानी की टंकियों के ढहने जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों में भ्रष्टाचार के आरोपों में पकड़े गए पुलिसकर्मियों का भी जिक्र किया। अखिलेश ने महाकुंभ में कथित वित्तीय अनियमितताओं और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। साथ ही उन्होंने बीजेपी नेताओं पर कथित तौर पर नियमों के खिलाफ निर्माण कराने के आरोपों को भी उठाया।
सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि विवादित बयानों और राजनीतिक मुद्दों के जरिए प्रचार का माहौल बनाया जा रहा है और इसके पीछे हजारों करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार का खेल छिपा है। उनके बयान के बाद आजम खान से जुड़े ED छापों को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
