मुरादाबाद। जिले में बाल विवाह से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। भोजपुर थाना पुलिस ने 13 वर्षीय नाबालिग की शादी कराए जाने के मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में नाबालिग के पिता गंभीर सिंह, पति अरुण तथा एक अन्य परिजन को आरोपी बनाया गया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता के रूप में 13 वर्षीय सोनिया का बयान दर्ज किया गया है। दस्तावेज में उसके पिता का नाम गंभीर सिंह और पता ग्राम काफियाबाद, थाना भोजपुर, जनपद मुरादाबाद दर्ज है। एफआईआर 5 सितंबर 2026 को भोजपुर थाने में दर्ज की गई।
18 साल का बताकर कराई शादी, आधार कार्ड नहीं देखा
एफआईआर में दर्ज बयान के मुताबिक, सोनिया ने बताया कि उसकी शादी 26 नवंबर 2025 को अरुण नाम के युवक से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार कराई गई थी। आरोप है कि शादी के समय पति और उसके परिवार को यह बताया गया था कि उसकी उम्र 18 वर्ष है।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि शादी के समय पति ने उसका आधार कार्ड नहीं देखा और उसकी वास्तविक उम्र की जानकारी नहीं थी। शादी के बाद दोनों के बीच संबंध बने और एफआईआर के मुताबिक 3 जुलाई 2026 को तबीयत खराब होने के बाद सोनिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस को मामले की जानकारी मिली।
दिल्ली में सामने आया मामला, जांच के बाद मुरादाबाद ट्रांसफर
जानकारी के अनुसार, नाबालिग को 3 जुलाई 2026 को तबीयत खराब होने पर दिल्ली मे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसका बयान दर्ज किया गया। घटना मुरादाबाद जनपद के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र में होने के कारण दिल्ली के मेहरौली थाना में जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद प्रकरण को आगे की कार्रवाई के लिए थाना ठाकुरद्वारा भेज दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, घटना स्थल ग्राम मंगलपुर, मगी, पखोरा, जनपद मुरादाबाद बताया गया है। बाद में प्रकरण स्थानीय पुलिस के पास पहुंचने पर भोजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
POCSO और बाल विवाह निषेध अधिनियम में केस
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), पॉक्सो एक्ट की धारा 6 तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 की धारा 9 के तहत कार्रवाई दर्ज की है।
एफआईआर में अरुण, गंभीर सिंह और एक अन्य परिजन के नाम दर्ज हैं। मामले की विवेचना के लिए उपनिरीक्षक जॉनसन कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बाल विवाह पर पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
13 वर्ष की बच्ची की शादी का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में बाल विवाह की घटनाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे गंभीर पहलू यह है कि एफआईआर में नाबालिग की उम्र महज 13 वर्ष दर्ज है और इसके बावजूद उसकी शादी कराए जाने का आरोप है@जफर/INN
