दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और अन्य के खिलाफ समीर वानखेड़े की याचिका पर समन (नोटिस) जारी किया है. उच्च न्यायालय ने रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और अन्य को 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है. अदालत ने याचिकाकर्ता से सभी प्रतिवादियों को याचिका की एक प्रति उपलब्ध कराने को कहा है. मामले की सुनवाई 30 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.
वानखेड़े ने कोर्ट को बताया कि सीरीज के संदर्भ में मुझे, मेरी पत्नी और मेरी बहन को ट्रोल करने वाले पोस्ट हैं. पहली नजर में मानहानिकारक. यह चौंकाने वाला है. कोर्ट ने कहा कि हम मानते हैं कि आपके पक्ष में इस कोर्ट में जाने का कारण है, लेकिन एक प्रक्रिया का पालन करना होगा.
वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी वानखेड़े की ओर से पेश हुए. उन्होंने कहा कि शिकायत में संशोधन के लिए एक आवेदन दायर किया गया है. वानखेड़े के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनका मामला दिल्ली हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है.
मुकदमे में प्रोडक्शन हाउस और अन्य के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा के साथ-साथ 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की गई है, जिसे वानखेड़े ने कैंसर रोगियों के लिए टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान करने की बात कही है. मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी.
