नई दिल्ली में शनिवार से दो दिवसीय BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में रूस, चीन, ब्राजील समेत संगठन के सभी प्रमुख सदस्य देशों के नेता हिस्सा ले रहे हैं। समिट के दौरान वैश्विक राजनीति और पश्चिम एशिया के हालात समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
इस बीच BRICS को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सदस्य देश एक साझा घोषणापत्र जारी करने पर सहमत होते नजर आ रहे हैं। इस घोषणापत्र में किसी विशेष देश का नाम लिए बिना एकतरफा सैन्य कार्रवाई और युद्ध की निंदा किए जाने की बात सामने आई है।
माना जा रहा है कि शनिवार शाम करीब 4 बजे BRICS देशों की ओर से साझा घोषणापत्र जारी किया जा सकता है। समिट में शामिल नेता इस पर अपनी अंतिम मंजूरी दे सकते हैं।
भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस BRICS सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, इंडोनेशिया, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात समेत सदस्य देश शामिल हैं। सम्मेलन के दौरान संगठन के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।
खास तौर पर ईरान और UAE के बीच क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सदस्य देशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर BRICS की चर्चाओं पर भी दिखाई दे रहा है।
इसी बीच दिल्ली पहुंचे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शुक्रवार को अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव या धमकी के आगे झुकने वाला नहीं है और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
पेजेश्कियान ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका देश किसी भी तरह की दबाव की राजनीति के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान पर दबाव बढ़ाया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा।
