मुरादाबाद। कांठ क्षेत्र में तेंदुओं की दहशत के बीच वन विभाग को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। समदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद गांव में वन विभाग की टीम ने 24वें तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुआ पकड़े जाने की खबर मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। तेंदुए के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

बताया गया कि पिछले सप्ताह इसी गांव में एक नलकूप की छत पर तीन तेंदुए एक साथ बैठे दिखाई दिए थे। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया था। लगातार निगरानी और रेस्क्यू अभियान के बाद इन तीनों तेंदुओं को वन विभाग की टीम पकड़ चुकी है।
वन विभाग के अनुसार, मुरादाबाद जिले में तेंदुओं को पकड़ने के लिए कुल 46 पिंजरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों और कैमरा ट्रैप के माध्यम से भी जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। 3 अगस्त से शुरू हुए रेस्क्यू अभियान में अब तक 24 तेंदुओं को पकड़ा जा चुका है। इनमें ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र से 16 और कांठ तहसील क्षेत्र से 8 तेंदुओं का रेस्क्यू किया गया है।

वहीं, तेंदुओं की मौजूदगी के साथ सड़क हादसों में भी उनकी मौत के मामले सामने आए हैं। अब तक तीन तेंदुए अज्ञात वाहनों की टक्कर के बाद सड़क किनारे मृत पाए जा चुके हैं।
तेंदुओं के हमलों ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना रखा है। अब तक तेंदुओं के हमलों में चार लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं। ऐसे में 24वें तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर वन विभाग लगातार तेंदुओं को पकड़ रहा है, तो दूसरी ओर किसी न किसी गांव से तेंदुए की मौजूदगी के वीडियो सामने आ जाते हैं। इससे लोगों का डर पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि संवेदनशील गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए और क्षेत्र में मौजूद अन्य तेंदुओं को भी जल्द से जल्द रेस्क्यू किया जाए।
वन विभाग की टीम लगातार अभियान चलाकर तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को भी जंगल और खेतों की ओर अकेले न जाने तथा तेंदुआ दिखाई देने पर भीड़ लगाकर उसके करीब न जाने की सलाह दी जा रही है@जफर/INN
