अमरोहा। केंद्र सरकार के बिजली संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (संयुक्त मोर्चा) के बैनर तले किसानों ने इंदिरा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने विवादित बिल की प्रतियां जलाकर नारेबाजी की और विधेयक का पुरजोर विरोध जताया।

बताया गया कि मुख्यमंत्री के मुरादाबाद आगमन पर उनसे मिलने की ज़िद के चलते गजरौला पुलिस ने कई किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया था। इसके बावजूद किसानों ने संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन जारी रखते हुए बिल वापस लेने की मांग उठाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकियू (संयुक्त मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने बिजली संशोधन विधेयक 2025 को किसान विरोधी बताते हुए इसके प्रपत्र का डटकर विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसा 2021 में तीन कृषि कानूनों और 2015 में भूमि अधिग्रहण बिल को किसानों के व्यापक आंदोलन के कारण वापस लेना पड़ा था, उसी तरह सरकार को यह विवादित बिजली विधेयक भी वापस लेना होगा।

उन्होंने चेताया कि विधेयक पास होने के बाद बिजली दरों में मनमानी बढ़ोतरी होगी और राज्यों द्वारा दी जा रही सब्सिडी सहित कई लोक-कल्याणकारी योजनाओं पर असर पड़ सकता है। चौधरी ने कहा कि किसानों के हितों के प्रति सरकार का उपेक्षापूर्ण रवैया चिंताजनक है। यदि मांगों का समाधान प्राथमिकता से नहीं किया गया तो संयुक्त मोर्चा बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेगा।

विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से अरुण सिद्धू, चंद्रपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामकृष्ण चौहान, अंसार मलिक, सरदार मनदीप सिंह, सरदार जगपाल सिंह, तेजपाल सिंह, अभिषेक भुल्लर, महावीर सिंह, राजीव फौजी, राहुल सिद्धू, शरद पवार, समीर चौधरी समेत कई किसान नेता शामिल रहे।
