शाहजहांपुर। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को मंगलवार रात करीब दो बजे लखनऊ क्राइम ब्रांच ने शाहजहांपुर जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया। वह लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही पहले से मौजूद टीम ने उन्हें एसी कोच से नीचे उतारकर हिरासत में ले लिया और तुरंत देवरिया के लिए रवाना हो गई।

भूमि आवंटन मामले में दर्ज है FIR
अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर लगभग तीन महीने पहले देवरिया में भूमि आवंटन से जुड़े विवाद में मुकदमा दर्ज हुआ था। नूतन ठाकुर का दावा है कि वे इस जमीन पर 25 वर्ष पहले ही कब्जा छोड़ चुकी थीं, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज की गई FIR निराधार है।

गिरफ्तारी के दौरान स्थिति
नूतन के अनुसार—
गिरफ्तारी के समय पुलिस सादी वर्दी में थी
किसी ने आधिकारिक कारण बताने से इनकार किया
बाद में लखनऊ पुलिस ने फोन पर उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी
गिरफ्तारी से कुछ देर पहले ही नूतन ठाकुर ने सोशल मीडिया पर अपने पति के साथ अनहोनी की आशंका भी पोस्ट की थी।

जीआरपी की पुष्टि
जीआरपी प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि ट्रेन रुकते ही लखनऊ क्राइम ब्रांच की टीम प्लैटफ़ॉर्म पर मौजूद थी और पूर्व आईपीएस को अपने साथ ले गई। जीआरपी केवल स्टेशन पर मौजूद थी, कार्रवाई क्राइम ब्रांच ने की।
अमिताभ ठाकुर ने पिछले दिनों उठाए थे भ्रष्टाचार के कई मुद्दे
अमिताभ ठाकुर हाल ही में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप उठाते रहे थे। उन्होंने-
कानपुर के अधिवक्ता अखिलेश दुबे की संपत्तियों की जांच
साकेतनगर पार्क की जमीन पर कथित अवैध कब्जा और किशोरी वाटिका गेस्ट हाउस निर्माण
बृजकिशोरी दुबे स्कूल के कथित अवैध संचालन
मंडलायुक्त कार्यालय के एक कर्मचारी की संदिग्ध भूमिका
जैसे मुद्दों पर विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है तो संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा अवैध लाभ की रिकवरी कराई जाए।
