मुरादाबाद। बाल विवाह मुक्त भारत जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर की टीम द्वारा ग्राम पंचायत कोंडरी में आम जन को जागरूक किया गया।
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर श्रीमती गुंजन तिवारी द्वारा बाल विवाह की सामाजिक व कानूनी जटिलताओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई साथ ही बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए भी प्रेरित किया गया।


मनोसामाजिक परामर्शदाता तनीषा दिवाकर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन कोऑर्डिनेटर तबस्सुम ने बताया कि विवाह के लिए कानूनी रूप से लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए।
बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है बल्कि यह कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने ग्राम वासियों से कहा कि बाल विवाह के मामलों की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर करें।

उन्होंने बताया कि समय से पूर्व विवाह बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ सामाजिक एवं व्यक्तित्व के विकास में भी अवरोध उत्पन्न करता है।
