मुरादाबाद। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर मनीष सक्सेना के नेतृत्व में बुधवार को भारी पुलिस बल के साथ सिविल लाइन स्थित नामचीन शराब कारोबारी चड्ढा ग्रुप की कोठी पर छापा मारा। यह कोठी मुरादाबाद के नामी कारोबारी रहे पोंटी चड्ढा के रिश्ते के भाई के परिवार से जुड़ी बताई जा रही है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी के एक मामले में की गई।
कोर्ट के आदेश पर होनी है गिरफ्तारी
मामले में कोर्ट द्वारा धोखाधड़ी के आरोपों में नामजद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश जारी किए गए थे। इसी क्रम में पुलिस ने दबिश दी।
चार लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप
इस मामले में गुरजीत सिंह चड्ढा, हरवीर सिंह चड्ढा, तमन्ना चड्ढा समेत कुल चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप हैं। कोर्ट ने जिन लोगों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, उनमें हरभजन सिंह चड्ढा के पोते हरवीर सिंह चड्ढा पुत्र गुरजीत सिंह चड्ढा और उनकी पत्नी तमन्ना चड्ढा भी शामिल हैं।
पांच महीने पहले दर्ज हुई थी एफआईआर
गौरतलब है कि मुरादाबाद पुलिस ने करीब पांच माह पूर्व नामी शराब कारोबारी रहे हरभजन सिंह चड्ढा की पत्नी, बेटे और पोते समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में हरभजन चड्ढा की बहू को भी नामजद किया गया था।
प्रॉपर्टी पार्टनर ने दर्ज कराया था मुकदमा
यह एफआईआर चड्ढा परिवार के प्रॉपर्टी कारोबार में पार्टनर रहे गाड़ीखाना कटघर निवासी गोपाल मिश्रा की ओर से सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई थी। वर्तमान में गोपाल मिश्रा बुध बाजार स्थित कृष्णा कॉलोनी में महाराजा होटल के पीछे निवास करते हैं।
पार्टनरशिप डीड से जुड़ा है मामला
एफआईआर के अनुसार गोपाल मिश्रा, हरभजन सिंह चड्ढा और उनके पोते हरवीर सिंह चड्ढा के बीच वर्ष 2010 में मैसर्स चड्ढा डेवलपर्स नाम से एक पार्टनरशिप फर्म बनाई गई थी। इसमें हरभजन सिंह और हरवीर सिंह की 37.5-37.5 प्रतिशत तथा गोपाल मिश्रा की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
हरभजन की मौत के बाद भंग हो गई फर्म
पार्टनरशिप डीड में यह शर्त थी कि किसी भी पार्टनर की मृत्यु होने पर फर्म स्वतः भंग हो जाएगी। 22 दिसंबर 2020 को हरभजन सिंह चड्ढा के निधन के बाद फर्म भंग हो गई।
नई फर्म बनाने की बात पर टालमटोल
गोपाल मिश्रा का आरोप है कि उन्होंने हरवीर सिंह चड्ढा और उनके पिता गुरजीत सिंह चड्ढा से नई फर्म बनाने की बात कही, ताकि पुरानी फर्म की प्रॉपर्टी और खातों का संचालन हो सके, लेकिन दोनों उन्हें लगातार टालते रहे।
फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने का आरोप
आरोप है कि हरवीर सिंह और गुरजीत सिंह चड्ढा ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी नाम से एक नई फर्म बना ली और भंग हो चुकी फर्म की प्रॉपर्टी और खातों का दुरुपयोग किया। इस दौरान एक पंजीकृत इकरारनामा कर भंग फर्म के खाते से 50 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
धोखाधड़ी कर रकम हड़पने का आरोप
गोपाल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उन्हें बिना बताए और बिना शामिल किए जसप्रीत कौर, गुरजीत चड्ढा, हरवीर सिंह चड्ढा और तमन्ना चड्ढा ने मिलकर धोखाधड़ी की और उनकी हिस्सेदारी की रकम हड़प ली।
कोर्ट ने जारी किया है गिरफ्तारी वारंट
इसी मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने अब सभी आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। पुलिस कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई कर रही है।
