मुरादाबाद | भगतपुर ब्लॉक के रानी नागल गांव से मिली सूचना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। गांव में रह रहे 92 संदिग्ध मतदाताओं के रोहिंग्या होने की आशंका सामने आई है। इस संबंध में गांव के पूर्व प्रधान सईदुल हसन ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
पूर्व प्रधान की शिकायत से खुला मामला
पूर्व प्रधान सईदुल हसन ने प्रशासन को दी गई शिकायत में बताया कि गांव में लंबे समय से रह रहे कुछ लोग संदिग्ध हैं। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया शुरू की।
जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को सौंपी जांच
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी मुरादाबाद अनुज सिंह ने पूरे मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंप दी है। प्रशासन का कहना है कि मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ देखा जा रहा है।
वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज नाम, बढ़ा संदेह
जानकारी के अनुसार ये सभी संदिग्ध लोग काफी समय से गांव में घुमंतू जाति के रूप में रह रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनके नाम पहले से ही विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए हैं, जिससे संदेह और गहरा गया है।
दस्तावेज़ों की पड़ताल में सामने आए नए तथ्य
एसआईआर और मैपिंग प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ों की जांच में सामने आया कि इनमें से 10 लोगों ने अपने पते के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ही एक अन्य जनपद के पूर्व निवासी होने की जानकारी दी है। इससे पूरे प्रकरण को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
पंचायत चुनाव से पहले हुआ खुलासा
वर्तमान में गांव में ग्राम पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य चल रहा है। इसी दौरान यह मामला उजागर हुआ, जिससे ग्रामीणों में रोष और चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों ने जताई चिंता
एक ग्रामीण ने बताया कि वे लोग काफी समय से प्रशासन से शिकायत कर रहे थे। उनका कहना है कि ये लोग कहां से आए हैं और इनके कागजात सही हैं या नहीं, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार यह गांव के भविष्य और चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ा मामला है।
प्रशासन ने दिया सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी संदिग्ध मतदाताओं के दस्तावेज़, पहचान पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में शिकायत प्राप्त हुई है और एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई है। सभी संदिग्ध मतदाताओं के दस्तावेज़ों और निवास की जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
