मुरादाबाद। जीएसटी चोरी के मामले में गठित एसआईटी टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में टीम ने फर्जी ई-वे बिल तैयार करने वाले आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से बरामद लैपटॉप में करीब 500 फर्जी वोग्स फर्मों का डाटा मिलने से हड़कंप मच गया है।
24 अक्टूबर को पकड़ी गई थीं स्क्रेप से भरी गाड़ियां
बीती 24 अक्टूबर को मुरादाबाद राज्य कर विभाग की टीम ने दो गाड़ियों को पकड़ा था, जिनमें लोहे का स्क्रेप लदा हुआ था। इन गाड़ियों में माल एके इंटरप्राइजेज फर्म के कागजात के साथ ले जाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि फर्म के नाम पर इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों पर 122 फर्जी वोग्स फर्म दर्ज थीं।

सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुई थीं दो एफआईआर
फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद मामले को गंभीर मानते हुए सिविल लाइंस थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई गईं। इसके बाद एसएसपी मुरादाबाद सतपाल अंतिल ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया।
पहले तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
एसआईटी टीम ने अब तक इस मामले में अखलाक, दानिश कबाड़ी और सुमित को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नेटवर्क के ई-वे बिल तैयार करने वाले आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली थी।
पंजाब से ई-वे बिल बनाने वाला आरोपी गिरफ्तार
एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए पंजाब निवासी परविंदर को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ई-वे बिल तैयार करने का काम करता था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 4 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए हैं।

लैपटॉप से मिला 500 फर्जी फर्मों का डाटा
बरामद लैपटॉप की जांच में करीब 500 फर्जी वोग्स फर्मों का डाटा मिला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस डाटा के आधार पर जीएसटी चोरी के नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव
पुलिस व एसआईटी टीम अब लैपटॉप और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है।
