राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं से हक़ की लड़ाई का आह्वान
अमरोहा, 12 जनवरी।
“युवा वही है जो दुनिया बदलने का माद्दा रखे, युवा उम्र नहीं बल्कि सोच और संकल्प की अवस्था है”—ये शब्द भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चौधरी ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर कहे। उन्होंने युवाओं से अपने हक़-हुक़ूक़ के लिए सवाल करने और अन्याय के खिलाफ जूझने का जज़्बा पैदा करने का आह्वान किया।
नरेश चौधरी ने कहा कि आज की विषम परिस्थितियों में युवा की भूमिका सबसे अहम हो गई है। युवा मन कभी बंद खिड़की-दरवाजों वाला मकान नहीं होता, बल्कि परिवर्तन की खुली सोच का प्रतीक होता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक, पर्यावरणीय और किसान हितों की लड़ाई में आगे आने की अपील की।
केमिकल युक्त पानी से तबाही, अन्नदाता की मेहनत पर ज़हर
गजरौला ब्लॉक के शहबाजपुर डोर गांव में औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला केमिकल युक्त दूषित पानी ग्रामीणों के जीवन पर भारी पड़ रहा है। नाईपुरा निवासी एहसान अली की बगद नदी के पास लगभग 22 बीघा में उगाई गई बैंगन की फसल जहरीले पानी की चपेट में आकर पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान नेताओं और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और अन्नदाता के साथ अन्याय न होने देने का भरोसा दिलाया।

22वें दिन में धरना, किसान मांगों पर अडिग
भाकियू संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चल रहा बेमियादी धरना 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के किनारे स्थित फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी अब ट्यूबवेल और घरों के नलों तक पहुंच चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे फसलें तबाह हो रही हैं, सांस लेने में दिक्कत बढ़ रही है और कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं।

धरनास्थल पर किसानों ने ठंड के बावजूद तंबू लगाकर डटे रहने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं।
प्रशासन हरकत में, जांच समिति गठित
जिला प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने सोमवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। वहीं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने 6 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता उपजिलाधिकारी कर रही हैं।
जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि विभाग और फूड सेफ्टी विभाग की टीमें पानी के नमूने ले चुकी हैं, जबकि गांव में स्वास्थ्य टीमें तैनात कर प्रभावित लोगों की जांच और इलाज किया जा रहा है।

ईटीपी अनिवार्य करने की मांग
भाकियू के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव अरुण सिद्धू ने कहा कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद अब प्रशासन का ध्यान गया है। उन्होंने मांग की कि सभी फैक्ट्रियों में ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और दूषित पानी की निकासी पूरी तरह रोकी जाए।
प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण चौहान ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन-मरण का सवाल बन चुका है। यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इस मौके पर युवाओं सहित एससी-एसटी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष रिंकू सागर, जगदेव सिंह, एहसान अली, हनीफ गुर्जर, शान चौधरी, शराफत चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, गंगाराम सिंह, योगेश कुमार, चौधरी चरण सिंह, रामप्रसाद सिंह, मंसूर अली सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
