ड्राइवर-हेल्पर का चरित्र सत्यापन व स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य
मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने आदेश दिए कि जिले में संचालित प्रत्येक स्कूल बस की फिटनेस जांच शत-प्रतिशत कराई जाए। इसके साथ ही सभी बस चालकों और हेल्परों का अनिवार्य रूप से चरित्र सत्यापन कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ड्राइवर और हेल्परों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष कैंप लगाकर जांच कराई जाए, और इसकी जिम्मेदारी तय की जाए।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड, इलेक्ट्रिक फिटिंग बदले हुए या नियमविरुद्ध वाहनों से स्कूली बच्चों का परिवहन किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। ऐसा पाए जाने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।

रोडवेज व ट्रैफिक व्यवस्था पर सख्ती
जिलाधिकारी ने मुरादाबाद रोडवेज के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बसें केवल निर्धारित स्टॉपेज पर ही रुकें। मनमाने ढंग से सड़क पर बस रोकने से यातायात बाधित होता है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया कि नियमों की अवहेलना करने वाली बसों का तत्काल चालान किया जाए, किसी प्रकार की ढील न दी जाए।

यातायात नियम तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई
डीएम ने कहा कि विशेष रूप से नव युवक यातायात नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है।उन्होंने निर्देश दिए कि चालान की कार्रवाई तेज की जाए।
नियम तोड़ने वालों को यातायात नियमों की जानकारी मौके पर दी जाए।
उल्लंघन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कड़ा संदेश जाए।

हाइवे और विद्युत सुरक्षा में भी लापरवाही नहीं
एनएचएआई को निर्देश दिए गए कि राजमार्गों पर बने अवैध कट तत्काल बंद कराए जाएं तथा जलभराव और गंदगी की समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए।
वहीं विद्युत विभाग को आदेशित किया गया कि निष्प्रयोज्य और खतरनाक विद्युत लाइनों को तत्काल हटाया जाए, जिससे किसी अप्रिय घटना की संभावना न रहे।

बैठक में एडीएम सिटी सुश्री ज्योति सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात सुभाष चंद्र गंगवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी कुलदीप संत, एआरटीओ प्रवर्तन आनंद निर्मल सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
