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मुरादाबाद। भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा है। सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों के ऑडिट के नाम पर अवैध वसूली कर रहे सीनियर लेखा परीक्षा अधिकारी अनिरुद्ध द्विवेदी को सतर्कता अधिष्ठान, बरेली सेक्टर की टीम ने 14 जनवरी 2026 को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने ग्राम पंचायत दुपैड़ा रनियाठेर, जगरामपुरा, लालपुर तीतरी, बीनावाला हिरनखेड़ा और भीतखेड़ा के वित्तीय वर्ष 2024–25 के ऑडिट को पास करने के एवज में शिकायतकर्ता से कुल तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित द्वारा एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये तत्काल लेने और शेष राशि बाद में देने की शर्त रखी।
इस पूरे मामले से आहत शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, बरेली सेक्टर के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी। शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद सतर्कता टीम ने जाल बिछाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
14 जनवरी 2026 को मुरादाबाद में जैसे ही आरोपी अधिकारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, सतर्कता टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मुहिम निरंतर जारी रहेगी और सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
