- निजी अस्पतालों में इलाज कराने में मुरादाबाद अव्वल, 1.90 लाख से अधिक मरीजों ने मुफ्त उपचार से जीती जिंदगी की जंग
- गंभीर बीमारियों के लिए अब दिल्ली-लखनऊ की राह हुई आसान, पैसो की तंगी नहीं बन रही इलाज में बाधा
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के संकल्प का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। मुरादाबाद जिले में आयुष्मान भारत योजना न केवल बीमारों का सहारा बनी है, बल्कि हजारों परिवारों के लिए ‘जीवनदायिनी’ साबित हो रही है। जिले में अब तक 11 लाख 90 हजार से अधिक लोग इस योजना के तहत अपना कार्ड बनवा चुके हैं, जिससे उन्हें सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है।
योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के 102 निजी अस्पतालों और 29 सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज किया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,90,488 लोगों ने निजी अस्पतालों में अपनी गंभीर बीमारियों का इलाज कराया है, जबकि 17,084 मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में इस योजना का लाभ उठाया है। माइनर सर्जरी, हड्डियों के ऑपरेशन और गाइनी (स्त्री रोग) से जुड़ी समस्याओं के लिए जिले में ही विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पैसे की तंगी अब नहीं छीनती अपनों का साथ
एक समय था जब मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोग पैसों की तंगी के चलते अपने परिजनों का इलाज सही समय पर नहीं करा पाते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आरोग्य’ विजन ने इस तस्वीर को बदल दिया है। अब जिले के मरीज सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि कैंसर और हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दिल्ली, लखनऊ और चेन्नई के बड़े सूचीबद्ध अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज पा रहे हैं। लाभार्थियों का कहना है कि सरकार की इस योजना ने उनके परिजनों को नया जीवन दिया है।
लक्ष्य के करीब स्वास्थ्य विभाग: 87% कार्य पूरा
प्रशासन ने जिले में 13 लाख 62 हजार 878 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसके सापेक्ष अब तक 11 लाख 90 हजार 927 कार्ड बनाए जा चुके हैं। जो लोग अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी का नाम सरकारी सूची में होना और आधार कार्ड में सही उम्र दर्ज होना अनिवार्य है।
सीएमओ डॉक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पात्रों को शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए हमारा विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले के 131 अस्पताल इस योजना से जुड़कर सेवा दे रहे हैं। हमारा प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद इलाज के अभाव में न रहे। विशेष अभियान के जरिए हम उन लोगों तक भी पहुंच रहे हैं जिनके कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं।
